Menu

News of Madhya Pradesh India

Hindi news portal of Bhopal. read regular fresh news of Bhopal, Indore, Gwalior, Jabalpur. whole state reporting with MP News Portal

31 July 2015

जानवरों की दवा से इंसान का इलाज

जानवरों की दवा

रायसेन: सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों व नर्सिग स्टाफ के खराब व्यवहार व इलाज में लापरवाही बरतने की बात तो आपने काफी सुनी होंगी. लेकिन अस्पताल में ऎसी लापरवाही भी देखने को मिल सकती है कि जिसके बारे में मरीजो ने कभी सोचा भी न होगा. जिला सरकारी अस्पताल में एक मरीज को जानवरों की बोतल चढ़ाए जाने का मामला प्रकाश में आया है. इसी को लेकर सरकारी अस्पताल में शुक्रवार को जबर्दस्त हंगामा हुआ. जिला चिकित्सालय के पुरुष वार्ड में मुन्ने भाई पेंटरवाले भर्ती थे. उन्हें इंजेक्शन लगाने के बाद शुक्रवार को ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई गई. दरअसल, उन्हें जानवरों के इलाज में उपयोग होने वाली ग्लूकोस की बॉटल चढ़ा दी गई थी. मरीज को बॉटल चढ़ने के बाद उसकी तबियत बिगड़ने लगी. बाद में डाक्टरों ने उसका उचित इलाज किया.

रायसेन के 65 वर्षीय अजीज उल्लाह उर्फ मुन्ने खां टायर वाले को शुक्रवार सुबह पेट दर्द और घबराहट होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यहां एक नर्स ने उन्हें ग्लूकोस की बॉटल चढ़ाई. 10-15 मिनट बाद मरीज को खुजली चलने के साथ ही घबराहट होने लगी. जब मरीज के पुत्र ने बॉटल को देखा, तो उनके होश उड़ गए. बोतल पर गाय का चिन्ह दिखा. पुत्र कलीमुल्लाह ने जब गाय का चिन्ह बोतल पर देखा तो उसके निर्देश पढ़ने लगा. इस पर साफतौर पर चेतावनी लिखी है कि यह केवल जानवरों के इलाज में इस्तेमाल करने के लिए है. इसे देखते ही वे चकित रह गए. वार्ड और अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया. मरीज अक्सर सरकारी अस्पताल में इसलिए जाता है कि वहां पर सस्ता व अच्छा इलाज मिलेगा. लेकिन यहाँ जान पर बन आई आफत.

रायसेन के अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व(एसडीएम) उमराव सिंह मरावी ने आईएएनएस से को कहा, 'मामले की जांच की जा रही है. यह बात सही है कि मुन्ने भाई को जो ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई गई है, वह जानवरों की है'. उन्होंने आगे कहा कि यह बोतल जिला अस्पताल में कैसे आई और मरीज को कैसे दी गई, इस पूरे मामले की जांच की जा रही है और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. जिस कंपनी के कार्टून में यह दवा निकली है, उसके सभी कार्टूनों को सील करवा दिया गया है. इनके उपयोग पर रोक लगा दी गई.

Retrieved from(websites).

comments powered by Disqus