Menu

News of Madhya Pradesh India

Hindi news portal of Bhopal. read regular fresh news of Bhopal, Indore, Gwalior, Jabalpur. whole state reporting with MP News Portal

27 April 2023

बद्रीनाथ धाम कपाट खुले, विधिवत चारधाम यात्रा प्रारंभ

चारधाम यात्रा प्रारंभ हुई

चमोली: बर्फबारी और बारिश के बीच बद्रीनाथ धाम के कपाट गुरुवार को खोले गए. इसी के साथ विधिवत चार धाम यात्रा प्रारंभ हुई. हिमालय के विश्वप्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में विधि विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा हुई. अन्य तीन धामों- केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट पहले ही खोले जा चुके हैं. धाम में हजारों की संख्या में श्रद्वालु मौजूद रहे, जिन पर हैलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं. चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड स्वास्थ्य महकमे ने 9 भाषाओं में एडवाईजरी जारी की. रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम की यात्रा गुरुवार को बाधित हो गई. यहां अपराह्न लगभग 1 बजे से लगातार हिमपात होने के कारण यात्रा अवरुद्ध हुई. शनिवार को अक्षय तृतीया के दिन धाम के कपाट खुलने के समय भी यहां लगातार रुक रुक कर, बफर्बारी होने के कारण व्यवस्थाओं में व्यवधान हुआ.

उत्तराखंड के चमोली जिले में बृहस्पतिवार को बदरीनाथ धाम के द्वार खुलने के बाद पूजा-अर्चना करने पहुंचे श्रद्धालु. भगवान बदरीविशाल मंदिर के कपाट ब्रह्म बेला में सुबह 7.10 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई. बारिश और हल्की बर्फबारी के बीच सेना की टुकडी के बैंड की मधुर धुन एवं स्थानीय महिलाओं के पारंपरिक संगीत एवं नृत्य के साथ भगवान बदरीनाथ की स्तुति ने परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.

उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग चारधाम यात्रा को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद है. अब एक नई पहल के तहत स्वास्थ्य विभाग ने 9 विभिन्न भाषाओं में एसओपी (एडवाइजरी) जारी की है. एसओपी मातृ भाषा हिन्दी के साथ ही तमिल, उडिया, कन्नड, मराठी, बंगाली, पंजाबी, गुजराती और अंग्रेजी में यह एसओपी जारी की गई है. यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि पूरी तैयारी के साथ यात्रा पर आयें. यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की जल्दबाजी न करें. सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए अपने शरीर को यात्रा के वातावरण के अनूकूल बनायें. जब आपका शरीर वातावरण के अनूकूल हो जाये तो फिर यात्रा करना शुरू करें. स्वास्थ्य संबधी किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर नजदीकी चिकित्सा इकाई से संपर्क करें. यात्रीगण अत्यधिक ठण्ड, कम आर्द्रता, अत्यधिक अल्ट्रा वॉइलेट रेडिएशन, कम हवा का दबाव और कम ऑक्सीजन की मात्रा से प्रभावित हो सकते हैं.

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लगभग 15 हजार यात्री विभिन्न स्थानों पर रोक दिए गए हैं. इसके अतिरिक्त, हेलीकॉप्टर सेवा भी बाधित हो गई है. उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विभाग ने 30 अप्रैल तक हेली सेवाओं में तीर्थयात्रियों के लिए आरक्षण सेवाएं भी बंद कर दी है.

Retrieved from(websites).

comments powered by Disqus